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गया के शुभम कुमार बने जेईई एडवांस टॉपर, 330/360 अंक हासिल कर IIT मुंबई में दाखिले की तैयारी

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बिहार के गया के शुभम कुमार ने जेईई एडवांस 2026 में 360 में 330 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया है। IIT बॉम्बे में दाखिले की तैयारी से परिवार में जश्न का माहौल है।

गया/आलम की खबर: बिहार के गया जिले से शिक्षा जगत में एक बड़ी और प्रेरणादायक सफलता की खबर सामने आई है। यहां के रहने वाले शुभम कुमार ने जेईई एडवांस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया टॉप रैंक हासिल कर लिया है। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार में बल्कि पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शुभम कुमार ने कुल 360 अंकों में 330 अंक प्राप्त कर यह असाधारण सफलता हासिल की है। उनकी मेहनत और लगातार तैयारी ने उन्हें देश के सबसे कठिन माने जाने वाले इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शीर्ष स्थान दिलाया है। अब वे आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं, जो उनके सपनों की सबसे बड़ी मंजिल मानी जा रही है।

गया शहर के वार्ड संख्या 38 स्थित नादरगंज ब्राह्मणी घाट मोहल्ले के रहने वाले शुभम कुमार की यह सफलता उनके परिवार के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। इस समय वे कोटा राजस्थान में अपने कोचिंग संस्थान में अपनी सफलता का जश्न मना रहे हैं, जबकि परिवार के लोग गया में गर्व महसूस कर रहे हैं।

शुभम का परिवार आर्थिक रूप से पहले से ही मजबूत रहा है। उनके दादा श्री रामचंद्र और पिता शिव कुमार शहर के जाने-माने व्यवसायी हैं। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी होने के बावजूद शुभम ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

उनके पिता शिव कुमार के अनुसार, शुभम ने पहले ही जेईई मेन 2026 के दोनों सत्रों में 100 पर्सेंटाइल हासिल किया था। जनवरी और अप्रैल दोनों सत्रों में उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा, जिससे उनकी प्रतिभा पहले ही स्पष्ट हो गई थी।

शुभम की शैक्षणिक यात्रा भी काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने 12वीं कक्षा में सीबीएसई बोर्ड से 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसके अलावा उन्होंने दसवीं तक किसी भी प्रकार की कोचिंग नहीं ली और आत्मनिर्भर अध्ययन के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी की। उनकी मजबूत नींव और आत्मविश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने में बड़ी मदद दी।

शुभम बताते हैं कि उन्होंने पढ़ाई की आदत बहुत पहले ही विकसित कर ली थी। दसवीं के समय से ही वे प्रतिदिन कई घंटे अध्ययन करते थे, जो 12वीं और जेईई की तैयारी तक बढ़कर 12 से 15 घंटे तक पहुंच गया। हालांकि वे मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लेकर दोस्तों के साथ समय भी बिताते थे।

कोटा में रहकर उन्होंने प्रतियोगी माहौल को करीब से समझा और वहां ऑनलाइन से ऑफलाइन कोचिंग तक की यात्रा की। एलन करियर इंस्टीट्यूट में स्कॉलरशिप परीक्षा पास करने के बाद उन्हें बेहतर मार्गदर्शन मिला, जिसने उनकी तैयारी को और मजबूत किया।

शुभम की बड़ी बहन प्रिया कुमारी भी आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की छात्रा हैं। परिवार में शिक्षा का माहौल पहले से ही मजबूत रहा है, जिसने शुभम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनका कहना है कि उनका सपना शुरू से ही आईआईटी बॉम्बे में पढ़ाई करने का था और अब यह सपना साकार होने की ओर है। वे भविष्य में सिर्फ इंजीनियर बनने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि किसी बड़े नवाचार पर काम करना चाहते हैं।

शुभम ने उन छात्रों के लिए भी संदेश दिया है जो इस बार सफलता हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है, बल्कि और अधिक मेहनत कर अगले प्रयास में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।

गया जिले में शुभम की इस उपलब्धि को लेकर गर्व और खुशी का माहौल है। लोग इसे बिहार के लिए एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

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